ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास निर्माण में बरतने वाले लाभार्थियों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। योजना की धनराशि मिलने के बाद जिले के 2232 लाभार्थियों ने आवास का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया। यह हकीकत सामने आने पर जिला प्रशासन ने ऐसे लाभार्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। सभी लाभार्थियों को नोटिस भेज कर तीन दिन की मोहलत दी गई है। इस अवधि में निर्माण कार्य पूरा न कराया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आवासहीन लोगों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। इसमें प्रत्येक लाभार्थी को पहली किस्त में 40, दूसरी में 70 और तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये खाते में भेजे जा चुके हैं। 2016-17 और 2017-18 के दो वित्तीय वर्ष में 9687 आवासों का निर्माण होना था। माह भर पूर्व शासन से बजट आने के बाद 8654 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में 60.55 करोड़ रुपये उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। इसके बाद भी आवासों का निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई। निगरानी के लिए गठित टीम में शामिल मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह, पीडी डीआरडीए आरएन सिंह और मनरेगा श्रमायुक्त अजीत सिंह ने ब्लॉकों से पड़ताल कराई तो पता चला कि केवल 6645 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं जबकि 2232 आवास अभी अधूरे हैं। कई बार चेतावनी के बाद भी लाभार्थियों ने निर्माण पूरा नहीं कराया। लापरवाही को देखते हुए परियोजना निदेशक डीआरडीए के निर्देश पर सभी ब्लॉकों से ऐसे लाभार्थियों को नोटिस भेज कर चेतावनी दी गई है। पीडी आरएन सिंह ने बताया कि यदि तीन दिन में आवासों का निर्माण पूरा न कराया गया तो संबंधित लाभाथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।