भदोही। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से स्टेशन रोड़ पर आयोजित संगोष्ठी में चिकित्सकों ने मधुमेह रोगियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए रोकथाम पर चर्चा की। चिकित्सकों ने कहा कि हमारे देश में 11 फीसदी की दर सालाना मधुमेह रोगी बढ़ रहे हैं। यही हालत रही तो जल्द ही भयावह स्थिति का सामना करना पड़ेगा। वहीं, केंद्र सरकार के बजट में शामिल गरीबों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की सराहना की।
संगठन की भदोही इकाई के अध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा योजना से करोड़ों गरीबों का भला होगा। इस योजना को मूर्त रूप देने में चिकित्सकों की भी अहम भूमिका होगी। इसलिए हमें ढांचागत सुधार करने के साथ योजना के संचालन के लिए तैयारी कर लेनी चाहिए। डॉ. इंद्रनील बसु ने मधुमेह पर प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि हमारे देश में प्रत्येक पांचवां व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है। 2013 में 38.2 करोड़ मधुमेह रोगी थे। रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो चिंता की बात है। यही क्रम जारी रहा तो 2035 तक 59.2 करोड़ लोग मधुमेह के शिकंजे में होंगे। कहा कि इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक और प्रेरित करना होगा। उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख कारण अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान है। 45 की उम्र पार करते ही लोगों को अपने मोटापे पर नजर रखनी होगी। साथ ही हर रोज पैदल चलने अथवा व्यायाम की आदत डालनी होगी।
सीएमओ डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि चिकित्सक समाज के प्रमुख अंग हैं। वे आज जनता को दिशा देकर विकास में सहयोग कर सकते हैं। संचालन डॉ. आरके पटेल ने किया। डॉ. विधु गुप्ता, डॉ. वीके मौर्य ने भी संबोधित किया। मुख्य रूप से डॉ. केपी जायसवाल, डॉ. एसके उमर, सीएन बिंद, डॉ. अजहर आसिफ, डॉ. चिन्मय हर्ष, डॉ. शफात इमाम, डॉ. अजय दूबे, सीएल गुप्ता, डॉ. बृजेश, डॉ. केएस मिश्रा, डॉ. रतीश पाठक आदि शामिल रहे।