वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक करने वाले भारत धर्म महामंडल के उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय की अगुवाई वाले धड़े ने सोमवार को पदयात्रा निकाल कर सदस्यों की परेड कराई। उधर, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती ने महामंडल के जनरल सेक्रे टरी को पत्र भेजकर कहा है कि ज्योतिष्पीठ पर हुए अभिषेक में उनकी ओर से कोई शिष्य या प्रतिनिधि अधिकृत नहीं किया गया था।
गायत्री मंदिर लहुराबीर से निकाली गई पदयात्रा में स्वामी स्वरूपानंद के नाम का प्रस्ताव पारित करने वाले महामंडल की ऑल इंडिया कौंसिल के 18 सदस्यों के उपस्थित होने का दावा किया गया। इससे पहले गायत्री मंदिर में ज्योतिष्पीठ का जीर्णोद्धार कराने वाले स्वामी ज्ञानानंद का अभिषेक कर 251 वैदिक बटुकों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया।
गायत्री मंदिर परिसर में दिन में 11 बजे भारत धर्म महामंडल के पदाधिकारियों और मंत्री सभा के सदस्यों ने ज्योतिष्पीठ का जीर्णोद्धार कराने वाले स्वामी ज्ञानानंद का अभिषेक किया। इस मौके पर डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी, ज्वाइंट सेक्रेटरी सत्येंद्र मिश्र, परितोष दीक्षित, डॉ. हरिजी पाठक, शिव प्रसाद श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष शशि नंदन लाल दर, सहायक मंत्री दिनेश मणि तिवारी, राजेंद्र चौबे, वीरेंद्र नाथ तिवारी, अवधेश नारायण सिंह, पं. परमेश्वर दत्त शुक्ल, डॉ. शशिकांत दीक्षित, दीनानाथ झुनझुनवाला, श्रुति प्रकाश द्विवेदी, पं. सुदामा तिवारी, आलोक चंद्र भारद्वाज उपस्थित थे। अभिषेक, पूजन के बाद पदाधिकारियों, सदस्यों ने आर्य महिला पीजी कॉलेज तक पदयात्रा निकाली। इसमें बटुकों ने भी हिस्सा लिया। आर्य महिला हितकारिणी परिषद स्थित अन्नपूर्णा माता की पूजा की गई।