वाराणसी। हरिश्चंद्र पीजी कालेज में स्वतंत्रता सेनानी केे परिवारीजन के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर प्रवेश कराने के मामले में प्रशासन की ओर से भेजी गई नोटिस का जवाब कालेज के प्राचार्य ने दे दिया है। प्राचार्य डा. सोहनलाल यादव ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को भेजे गए जवाब में कहा कि स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित संगठन का प्रमाण पत्र लगाकर प्रवेश लेने वाले छात्रों को नोटिस भेजा गया है। अगर वह डीएम द्वारा जारी प्रमाण पत्र नहीं ला पाए तो उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। हालांकि 34 छात्रों के फर्जी तरीके से प्रवेश कैसे हो गए इस बाबत उन्होंने कुछ नहीं कहा। छात्रों को नोटिस भेजकर कालेज प्रशासन पल्ला झाड़ लेना चाहता है।
जवाब में कहा है कि छात्र के प्रवेश लेते समय ही उन्हें बता दिया जाता है कि अगर उनके द्वारा दिए गए कागजात गलत पाए गए तो प्रवेश निरस्त किया जाएगा। समय से प्रवेश कार्य पूर्ण करने के दबाव में प्रमाण पत्रों की जांच नहीं की जा सकी। गलत कागजात लगाकर प्रवेश लेने वाले छात्रों को नोटिस भेज दी गई है। अगर वह 30 नवंबर की शाम चार बजे तक डीएम द्वारा जारी प्रमाण पत्र नहीं दे सके तो उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। नौ छात्रों के बिना कोई प्रमाण पत्र लगाए ही प्रवेश पत्र लेने के मामले में कहा कि उनके कागजात कहीं गुम हो गए होंगे। डीएम ने प्राचार्य के जवाब एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय के पास भेजा है। वहीं इसी मामले में कालेज की छात्रसंघ अध्यक्ष खुशबू सिंह और महामंत्री शुभम कुमार सेठ गुरुवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण से मिलने गए थे लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्हें शुक्रवार को मिलने का समय दिया गया है।