वाराणसी। ट्रेनों के परिचालन पर कोहरे का असर दिखने लगा है। बुधवार को वाराणसी से चलने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस निरस्त रही। इसका कारण रैक की अनुपलब्धता रही। दिल्ली से आने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 14-14 घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। वहीं आधा दर्जन ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
अपर इंडिया एक्सप्रेस चार घंटे, सद्भावना एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस चार-चार घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। जहां कोहरे के चलते ट्रेनों की रफ्तार पर इसका असर पड़ा है तो वहीं विभिन्न रेलखंडों पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते भी ट्रेनें लेट हो रही है। ट्रेनें निरस्त और देरी से चलने की वजह से यात्रियों को घंटो रेलवे स्टेशन पर इंतजार करते देखा गया। पूछताछ काउंटरों पर भी यात्री ट्रेनों की लोकेशन लेते रहे।
कैंट रेलवे स्टश्ेान की पेयजल व्यवस्था बेपटरी
वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन पर पानी की समस्या नही बात नही है पर ठंड में भी पेयजल संकट यात्रियों को झेलना पड़ रहा है। बुधवार को दोपहर बाद एक से पांच बजे तक लो प्रेशर तो कहीं पानी न आने की समस्या से यात्रियों को दो-चार होना पड़ा। कई ट्रेनें बिना पानी के ही रवाना हुई। मंगलवार की शाम पांच बजे से रात 12 बजे तक जल संकट से स्टेशन जूझता रहा। आधी रात को प्लेटफार्म नंबर पांच पर यात्रियों ने पानी को लेकर हंगामा भी किया। इसको लेकर अधिकारी अनभिज्ञता जताते रहे।
कोहरे के मद्देनजर पढ़ाया गया संरक्षा का पाठ
वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन पर बुधवार को संरक्षा गोष्ठी हुई। इसमें आगामी कोहरे को मौसम को ध्यान में रखते हुए विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा से जुड़े प्रमुख बिंदुआें पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान फॉग सिनगल डिवाइस के क्रियान्वयन और उसकी चेतावनी आदि के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीनियर डीएमई ओ एंड एफ एके तिवारी ने किया। कार्यक्रम में चीफ एरिया मैनेजर रवि प्रकाश चतुर्वेदी, स्टश्ेान निदेशक एके पांडेय, राजेश कुमार सहित 100 से ज्यादा रेल कर्मचारियों ने भाग लिया।