फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: भारतीय विरासत, जनचेतना की धरोहर है हिंदी पत्रकारिता की 200 साल की यात्रा

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष की ऐतिहासिकता, परिवर्तन और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग के निदेशक डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 साल की यात्रा भारतीय विरासत, जनचेतना की धरोहर है। हिंदी पत्रकारिता ने अपने 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में भारतीय समाज, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त आधार प्रदान किया है। 30 मई 1826 को जन्मी हिंदी पत्रकारिता केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय विरासत और सांस्कृतिक चेतना की संवाहक रही है। नेपाल से आए वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार गुप्ता ने कहा कि नेपाल की पत्रकारिता के विकास में काशी का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने पत्रकारिता के समकालीन स्वरूप, उसकी सामाजिक जिम्मेदारियों की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बाला लखेंद्र और धन्यवाद ज्ञापन पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. ज्ञानप्रकाश मिश्र ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें