रीड एलांग कार्यक्रम के तहत जिले के 1144 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए 20 डेमोंसट्रेशन (डेमो) स्कूल विकसित किए जाएंगे। प्रथम चरण में प्रदेश के 25 जिलों से इसकी शुरुआत की जाएगी। इसमें वाराणसी समेत मऊ, सोनभ्रद व जौनपुर शामिल हैं।
दरअसल, मिशन प्रेरणा के समग्र शिक्षा अभियान के तहत रीड एलांग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने गूगल से टाइअप करके रीड एलांग एप को विकसित किया है। कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए हुए लॉकडाउन के बाद जब स्कूल बंद हुए तो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल पर शिक्षकों ने घर-घर जाकर अपलोड करवाया था। एप का उद्देश्य बच्चों में भाषायी ज्ञान को खेल-खेल में बढ़ाना है। इस एप के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के कक्षा एक से लेकर पांच तक के पाठ्यक्रम को भी जोड़ने की तैयारी है। इसको लेकर प्रत्येक जिले में स्कूलों को डेमोस्ट्रेशन स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
बच्चों के लिए होगी ये गतिविधियां
कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चों की शिक्षा पर काफी असर पड़ा है। डेमो स्कूलों में बच्चों के लिए तरह-तरह से गतिविधियां होती रहेंगी, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके।
स्कूली शिक्षा महानिदेशक की ओर से रीड एलांग कार्यक्रम के लिए डेमो स्कूल चिन्हित करने का निर्देश आया है। खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने ब्लॉक के ऐसे विद्यालयों का चयन करने को कहा है जहां प्रत्येक कक्षा के लिए एक अध्यापक है। शिक्षक संकुल व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को दायित्व सौंपा गया है। -राकेश सिंह, बीएसए
कैसे करेगा कार्य
डेमो विद्यालय के शिक्षक अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को रीड एलांग एप के जरिए बच्चों को पढ़ाई कराना सीखाएंगे। डेमो स्कूल के शिक्षकों का वीडियो यू-ट्यूब पर भी अपलोड होगा। जिससे कोई भी रीड एलांग एप के जरिए पढ़ाई करने का तरीका जान सके।