पीडीडीयू नगर। जिले में एक सप्ताह में बाढ़ से 57 गांवों में लगभग दो हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। इससे दस हजार किसान बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अभी भी खेतों में पानी जमा है। इससे नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। दूसरी तरफ गंगा अभी भी चेतावनी बिंदू से उपर बह रही है। गंगा के जल स्तर में घटाव हो रहा है लेकिन यह अत्यंत धीमी गति से है। कृषि विभाग ने इस वर्ष 1.13 लाख हेक्टेयर में धान की खेती की गई है।
इसी तरह सब्जियों, दलहनी, तिलहनी की फसल बोई गई है। अगस्त माह किसानों के लिए कष्टकारक रहा है। पहले दो अगस्त को गंगा जल स्तर चेतावनी बिंदू को पार कर गया और चार अगस्त को बाढ़ आग अई। छह अगस्त को पानी का घटाव शुरू हुआ।
इससे गंगा के तटवर्ती 40 से अधिक गांव में खेतों में पानी भर गया। इससे कुछ फसलों को नुकसान हुआ। अभी किसान इससे उबर भी नहीं पाए कि 23 अगस्त की रात में तेज बारिश हुई और जिले के चंद्रप्रभा, नौगढ़, भैसोड़ा बांध आदि भर गए। बांधों का पानी मेंटेन करने के लिए पानी छोड़ा गया। इससे कर्मनाशा, गड़ई नदी, चंद्रप्रभा नदी सहित अन्य पहाड़ी नदियों में बाढ़ आ गई और तटवर्ती इलाके के गांवों में पानी भर गया।
तीन दिनों तक पानी भरे रहने के बाद पानी कम हुआ तभी 26 अगस्त से गंगा का पानी फिर से बढ़ने लगा और एक बार फिर गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदू को पार कर गया।
गंगा और पहाड़ी नदियों के बाढ़ से जिले के नियामताबाद, चंदौली सदर, चहनियां, सकलडीहा, चकिया, शहाबगंज आदि ब्लाकों के 57 गांव प्रभावित हुए हैं।
यदि राजस्व विभागों की माने तो शुरूआती जांच में 57 गांवों के 10 हजार किसानों के 2000 हेक्टेयर में बाेई गई फसल प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित किसानेां का डाटा फीड किया जा रहा है। इससे शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद मुआवजा मिलेगा।