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पूर्वांचल की सबसे बड़ी पहड़िया सब्जी मंडी में 2.73 करोड़ का हुआ फर्जी भुगतान, 12 पर मुकदमा

Fri, 24 Jan 2020 12:08 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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पहड़िया मंडी की विस्तारीकरण योजना के तहत काम कराए बगैर ही अभियंताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत से दो करोड़ 73 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कर लिया गया। प्रकरण को लेकर राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के उप निदेशक (निर्माण) रामनरेश की तहरीर के आधार पर 12 अभियंताओं और ठेकेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोपों में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

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उप निदेशक (निर्माण) के अनुसार, पहड़िया मंडी की विस्तारीकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में 2032.36 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। विभाग की प्रक्रिया के अनुसार टेंडर निकाल कर अनुबंध किया गया। इसके बाद पर्यवेक्षण करने वाले अभियंताओं और ठेकेदारों ने आपसी मिलीभगत कर बिना काम कराए ही दो करोड़ 73 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। कई बार नोटिस भी जारी कराई गई लेकिन तीन साल बाद भी ठेकेदारों ने निर्माण कार्य नहीं कराया। इसलिए मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।

इन ठेकेदारों और अभियंताओं पर हुआ मुकदमा

चौबेपुर थाना के चाहिन के अवनींद्र कुमार सिंह व अल्लोपुर के संतोष कुमार सिंह, आजमगढ़ के सिधारी के अखिलेश्वर लाल श्रीवास्तव, कानपुर के टीकरभाऊ नर्वल के सहायक लेखाधिकारी सिद्ध गोपाल कुरील, बाराबंकी के मंगलपुर ककरी के रमेश कुमार वर्मा, प्रतापगढ़ के मिसरान बाघराय के विमलेश चंद्र त्रिपाठी, पहड़िया की अशोक बिहार कॉलोनी फेज - 2 के मनोज कुमार सिंह, बलिया के सिकंदरपुर थाना के गोसाईपुर की सुनीता, प्रकाश चंद्र जैन और गोपाल शंकर।

इनमें से संयुक्त निदेशक (निर्माण) प्रकाश चंद्र जैन और गोपाल शंकर के खिलाफ विभाग द्वारा आरोप पत्र जारी किया जा चुका है। उप निदेशक (निर्माण) के अनुसार आरोपियों ने निर्माण कार्य से लेकर सामग्रियों की आपूर्ति तक हर जगह धांधली की।

मुकदमा दर्ज होने के बाद भी छुपाती रही पुलिस

कैंट थाने में घपलेबाजी से संबंधित मुकदमा बुधवार की रात ही दर्ज कर लिया गया था। इसके बावजूद इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी कुमार चतुर्वेदी और थाने की पुलिस दर्ज मुकदमे को छुपाते रहे। इस संबंध में पूछे जाने पर इंस्पेक्टर के साथ ही थाने के पुलिसकर्मियों का कहना था कि ऐसी कोई बात ही नहीं है। पुलिस का यह रवैया समझ से परे प्रतीत हुआ।

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