वाराणसी। चेतगंज थाने के सामने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों की पुलिस द्वारा लाठियों से की गई पिटाई पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे के अधिकारियों से कहा है कि दोषी पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने पाए।
10 अप्रैल की शाम दो छात्रों को छींटाकशी के आरोप में चेतगंज थाने में लाकर बैठाया गया था। यह सूचना पाकर एबीवीपी से जुड़े महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के छात्र चेतगंज थाने पहुंचे। छात्रों का कहना था कि जब दोनों छात्र के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई है तो उन्हें छोड़ दिया जाए। इंस्पेक्टर चेतगंज ने दोनों छात्रों को छोड़ने से इंकार कर दिया तो उन्हें छुड़ाने गए छात्र थाने के सामने सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कहासुनी जारी रही।
इसी बीच न जाने क्या हुआ कि इंस्पेक्टर चेतगंज दिनेश प्रकाश पांडेय और थाने के पुलिसकर्मी छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटने लगे। पिटाई में छह से ज्यादा छात्र घायल हुए थे। वहीं, पुलिस की ओर से चेतगंज थाने में तीन नामजद और 20 अज्ञात छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो छात्रों को जेल भेजा गया था। शुक्रवार की शाम शहर आए मुख्यमंत्री को एबीवीपी के छात्र नेताओं ने घटनाक्रम से अवगत कराया तो उन्होंने नाराजगी जताई। इसके साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश पुलिस महकमे के अधिकारियों को दिया।