वाराणसी। कैंसर के मरीजों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले कैंसर मरीजों में सर्वाधिक संख्या मुख और गले के कैंसर की है। चिकित्सकों के मुताबिक इसकी मुख्य वजह तंबाकू का सेवन करना ही है। अगर समय रहते जांच करा ली जाए तो इससे छुटकारा पाया जा सकता है। बीएचयू अस्पताल की ओपीडी में हर सप्ताह मुख और गले के कैंसर के 20 नए मरीज मिल रहे हैं। इसके अलावा फेफड़े के कैं सर वाले मरीज भी अधिक मिल रहे हैं।
बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के रेडियोथिरेपी और रेडिएशन मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रो. यूपी शाही के मुताबिक वर्ष 2017 में मुख और गले के 2600 नए मरीज आए थे, जो 2018 में बढ़कर 3000 से अधिक हो गए। जहां तक ओपीडी की बात है तो इसमें गले के कैंसर के 10 से 12 मरीज हर सप्ताह आ रहे हैं। बताया कि अब बीएचयू के साथ-साथ महामना कैंसर संस्थान की ओपीडी शुरू होने से मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा।
उधर दंत चिकित्सा संकाय के पूर्व प्रमुख प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 200 मरीजों में हर सप्ताह औसतन 15 मरीजों में कैंसर की पुष्टि होती है। बीएचयू टीबी, चेस्ट डिपार्टमेंट के डॉ. जीएन श्रीवास्तव के मुताबिक फे फड़े में कैंसर वाले मरीज भी बढ़ रहे हैं। इसका कारण बढ़ते प्रदूषण के साथ ही धूम्रपान है।
निकाली जागरूकता रैली
विश्व कैंसर दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को बीएचयू सुंदर बगिया स्थित निर्माणाधीन महामना मालवीय कैंसर संस्थान से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को बीएचयू के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कैंसर संस्थान से लंका रविदास गेट तक निकली रैली के माध्यम से लोगों को कैंसर के कारण, बचाव के बारे में पंफलेट बांटकर जागरूक किया गया। इसदौरान चिकित्सा अधीक्षक प्रो. वीएन मिश्र, प्रो. टीपी चतुर्वेदी, प्रो.एस प्रधान आदि मौजूद रहे।