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मंडलीय अस्पताल में चार घंटे रही हड़ताल
सब हेड
डॉक्टर-कर्मचारियों से मारपीट के विरोध में धरना दिया, बाद में काम पर लौटे
क्रासर
- मरीज की मौत में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों का हंगामा
- आज नौ बजे आपात बैठक में तय की जाएगी आगे की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बीएचूय के सर सुंदरलाल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट के बाद हड़ताल अभी खत्म हुई ही थी कि बुधवार को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने हड़ताल कर दी। चिकित्सक और दो कर्मचारियों से मारपीट के विरोध में दोपहर ढाई बजे हड़ताल शुरू कर धरना शुरू कर दिया। इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दी गईं। हालांकि शाम साढ़े छह बजे जिला प्रशासन की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर हड़ताल खत्म हो गई।
अस्पताल के पेइंग वार्ड में भर्ती जैतपुरा निवासी मरीज की दोपहर ढाई बजे मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि परिजनों ने मरीज को देखने गए इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डॉ. जयेश मिश्रा और दो अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोट आई है। जानकारी होने पर अन्य चिकित्सक और कर्मचारी कामकाज ठप कर हड़ताल पर चले गए और इमरजेंसी पहुंच कर धरने पर बैठ गए। मौके पर सीएमओ, सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। शुरुआती दौर में उनके आश्वासन का असर नहीं हुआ।
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बाद में जिला प्रशासन के आश्वासन पर अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघ के आह्वान पर शाम 6:30 बजे हड़ताल खत्म हुई। संघ के पदाधिकारी डॉ. संजय राय, डॉ. अरविंद सिंह, शैलेंद्र सिंह, निर्भय सिंह, जितेंद्र सिंह, जेएस उपाध्याय, आरके सिंह आदि ने बताया कि गुरुवार सुबह नौ बजे आपात बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। उधर, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. भानुशंकर पांडेय, डॉ. अमित सिंह आदि पदाधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। गुरुवार सुबह से ओपीडी से भी विरत रहने की चर्चा चलती रही लेकिन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने ऐसी जानकारी से इनकार कर दिया।
----कोट-----
चिकित्सकों और कर्मचारियों से बातचीत हुई है। जिला प्रशासन ने आरोपियों की जल्दी ही गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। इसके बाद वे काम पर लौट आए हैं।
- डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ
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अधिकारी-कर्मचारी संघ की मांगें
0 मरीज की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम किया जाए
0 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए
0 अस्पताल की पुलिस चौकी को 24 घंटे खोला जाए और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर का बोर्ड लगाया जाए
0 इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के साथ तीन शिफ्ट में दो बाउंसरों की तैनाती की जाए
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