वाराणसी। बीएचयू में दिन भर बवाल के बाद रात करीब साढ़े दस बजे कुलपति प्रो. राकेश भटनागर अय्यर छात्रावास के बाहर धरने पर बैठे छात्रों से मिलने गए। उन्होंने हॉस्टल में हुई तोड़फोड़ का मुआयना भी किया। छात्रों ने उनके सामने मांगें रखीं कि दोषियों पर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर उनका निष्कासन किया जाए, टूटी गाड़ियों और टूटे लैपटॉप आदि का मुआवजा मिले, हॉस्टल में सुरक्षा बढ़ाई जाए। छात्रों के मुताबिक कुलपति ने मुआवजा वाली मांग पर इश्यारेंस कंपनी से मुआवजा लेने की बात कही। शोध छात्रों के मुताबिक जब उन्होंने कहा कि लैपटॉप तोड़ने से उनके शोध से जुड़े कई अहम रिकार्ड गायब हो गए इस पर कुलपति ने हार्ड डिस्क साथ रखकर डाटा सेव करने की नसीहत दी। इसके अलावा अन्य मांगों पर बहुत गोलमोल जवाब दिया। करीब आधे घंटे तक माथापच्ची के बाद आखिर बात नहीं बनी और कुलपति को वापस जाना पड़ा। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी रहा।
चीफ प्राक्टर प्रोफेसर रोयाना ने कहा कि पूरे मामले को स्टैंडिंग कमेटी में ले जाया जाएगा। यहां सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो भी जांच होगी इसके अलावा सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। कमेटी की जांच रिपोर्ट के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।