ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास निर्माण को लेकर प्रशासन की तमाम सख्ती भी बेअसर रही। 31 मार्च तक नौ हजार 386 आवासों में 1386 अधूरे रह गए। विभाग का दावा है कि अप्रैल में सभी आवासों को पूर्ण करा लिया जाएगा।
आवासहीन लोगों को पक्का छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। इसमें लाभार्थी को प्रथम किस्त में 40 हजार, द्वितीय किस्त में 70 हजार और तीसरी किस्त में 10 हजार मिलाकर कुल 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। जिले में 2016-17 और 2017-18 के दो वित्तीय वर्ष में चयनित लाभार्थियों के नौ हजार 386 प्रधानमंत्री आवास का निर्माण होना था। माह भर पूर्व शासन से बजट आने के बाद 8654 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में करीब 60 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि भेजी गई। दूसरी किस्त भेजने के बाद भी आवासों का निर्माण कच्छप गति से होता रहा। डीएम, सीडीओ समेत अन्य अधिकारियों के तमाम प्रयास के बाद भी सभी आवासों का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। अब तक आठ हजार आवास निर्मित होने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा है। हालांकि अब दो से तीन हजार निर्माणाधीन ही है। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी 1386 आवास नहीं बन सके। परियोजना निदेशक डीआरडीए आरएन सिंह ने कहा कि जिले में दो वित्तीय वर्ष के लाभार्थियों का चयन किया गया था। दो साल के कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं छोड़ी गई। 80 से 90 फीसदी आवास को करीब 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अप्रैल में सभी आवास पूर्ण करा लिया जाएगा।