वाराणसी। पुलिस के दस्तावेज में सवा दो साल से मृत मान लिया गया अपराधी लोहता के कन्हईपुर का जावेद उर्फ राजू जिंदा निकला। इसका खुलासा शनिवार की सुबह तब हुआ जब पुलिस की छापेमारी में जावेद भाग निकला और उसका दोस्त गंगापुर निवासी मोनू गुप्ता पकड़ा गया। जावेद के जिंदा होने की पुष्टि उसकी पत्नी और बच्चों ने भी की।
मोनू के पास से पुलिस ने 90 हजार रुपये, 26 हजार रुपये के पांच सौ-एक हजार के पुराने नोट, चार स्मार्ट फोन, प्रोजेक्टर, डीवीडी प्लेयर, डेढ़ किलो चांदी की सिल्ली, 20.6 ग्राम सोना और हजारों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर उसे जेल भेज दिया।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने अपने कार्यालय में बताया कि सिगरा थानाध्यक्ष गोपालजी गुप्ता को सूचना मिली थी कि मंडुवाडीह रेलवे क्रॉसिंग के समीप दो संदिग्ध युवक खड़े हैं। थानाध्यक्ष ने एसआई घनानंद तिवारी और अरुण कुमार सिंह के साथ छापेमारी की। जावेद पुलिस को चकमा देकर भाग निकला जबकि मोनू पकड़ा गया। मोनू ने बताया कि भागा हुआ आरोपी जावेद है। मोनू की मदद से पुलिस महमूरगंज स्थित जावेद के किराये के मकान पर पहुंची और उसकी पत्नी व बच्चों से पूछताछ की। जावेद की पत्नी ने बताया कि अगस्त, 2015 में उसने कन्हईपुर का घर छोड़ दिया था। पुलिस और न्यायालय को बता दिया गया था कि जावेद की मौत हो गई है। यहां तक कि पत्नी के अलावा परिवार के किसी अन्य को भी यह नहीं पता है कि जावेद जिंदा है। एसपी सिटी ने बताया कि जावेद को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम लगाई गई है।