सकलडीहा। पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के मुख्य कार्यकारी संयोजक हरवंश पटेल पूर्वांचली ने कहा कि अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति की ओर से नई दिल्ली के संसद मार्ग पर दो दिवसीय किसान मुक्ति संसद में देशभर से पहुंचे किसानों की भीड़ ने साबित कर दिया कि किसान सिर्फ अपनी मांग ही नहीं रखेगा,अब उसके लिए सड़क से संसद तक लड़ेगा। किसानों की जायज मांगों को कोई भी सरकार ज्यादा दिनों तक दबा नहीं सकती है। हरवंश पटेल किसान मुक्ति संसद में भाग लेकर लौटने के बाद बुधवार को सकलडीहा के बरठी गांव में कैंप कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली किसान मुक्ति संसद में किसानों के सभी कर्जे माफ करने, उनकी फसल के डेढ़ गुना दाम देने का प्रस्ताव पेश किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में किसानों के उनकी उपज का डेढ़ गुना दाम देने समेत कई वादे किए थे लेकिन अभी तक कोई वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने खेतों में काम करने वाली महिलाओं व किसानों की पत्नियों को भी किसान का दर्जा देने को मांग की। अध्यक्षता करते हुए जनमोर्चा संरक्षक चंद्रभूषण मिश्र कौशिक ने कहा कि जनमोर्चा किसान समिति पूर्वांचल के किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने व उन्हें सरकारी शोषण से मुक्ति के लिए बराबर संघर्ष करता रहेगा। बैठक में भूपेंद्र प्रताप सिंह, आर्यन सिंह रवि, रामाशीष यादव, उदय कुमार राय, अच्छे लाल राजभर, संदीप तिवारी, विजय पटेल, सीताराम राजभर, रामकुमार राम आदि उपस्थित रहे।