वाराणसी/लखनऊ। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के असंतोष के बाद उपजे हालात के मद्देनजर राजभवन में राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने जिम्मेेदार पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की तिथि पुन: निर्धारित करने एवं मुख्य अतिथि के रूप में किसी शिक्षाविद् को आमंत्रित करने के लिए कहा है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 27 अक्तूबर को होना था, परंतु शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्रों की हड़ताल के कारण वह समय से नहीं हो सका। राज्यपाल ने निकाय चुनाव में लागू आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर किसी शिक्षाविद् को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है।
नाईक ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में चल रही हड़ताल के संबंध में कहा है कि प्राथमिकता पर आवश्यक कदम उठाकर विश्वविद्यालय परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाया जाए। हड़ताल करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों से वार्ता कर उनकी वाजिब समस्याओं का निराकरण किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की समस्याओं के संबंध में प्रस्ताव कुलाधिपति सचिवालय को शीघ्र भेजा जाए।