वाराणसी। लोक आस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत मंगलवार को नहाय-खाय से हो गई और खरना आज होगा। छठ व्रतियों ने नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत की। गंगा के विभिन्न घाटों पर व्रतियों ने स्नान किया। गंगा से जल भरकर लोग घर ले गए। छठ माँ का गीत गाते हुए घर को लौटे। छठ का जबर्दस्त उत्साह है। शहर के कुंड और सरोवर पर भी लोगों ने वेदी पूजन किया। वरुणा नदी के शास्त्री घाट पर व्रतियों ने वेदी पूजन किया। मंगलवार को नहाय-खाय की विधि आरंभ हुई। छठ व्रतियों के परिजनों का गंगा घाट, कुंड व सरोवर पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। घाट पर किसी मेले जैसा नजारा दिख रहा था। घाट, कुंड और सरोवरों पर साफ सफ ाई से पूरा माहौल छठ के रंग में रंग गया है। स्नान के उपरांत वेदी पूजन के साथ छठ का महापर्व आरंभ हुआ। व्रतियों ने शाम को लौकी की सब्जी और अरवा चावल का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया गया। प्रसाद का वितरण परिवार के साथ ही शुभचिंतकों में भी किया गया।