वाराणसी। केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास में बीते शुक्रवार को मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग के हवाले करने वाले पूर्व मध्यमा के छात्र पेंजिम च्वींग (20) का इलाज गुरुवार को दिल्ली के सफरदरगंज अस्पताल में शुरू हो गया। महमूरगंज स्थित एक निजी प्लास्टिक सर्जरी अस्पताल से उसे सुबह एयर एंबुलेंस के माध्यम से दिल्ली ले जाया गया।
विवि परिसर में घटी इस घटना के बाद सबसे पहले उसे हेरिटेज लंका ले जाया गया था, यहां बर्न वार्ड में चिकित्सक उसका इलाज कर रहे थे। उसके बाद 18 जुलाई मंगलवार को रात करीब नौ बजे उसे महमूरगंज निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुबोध सिंह की देखरेख में चल रहा है। डॉ. सुबोध ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब दस बजे विश्वविद्यालय के अधिकारी उसे दिल्ली सफदरगंज अस्पताल ले गए। बताया कि करीब 85प्रतिशत तक छात्र जला है। बता दें कि मूल रुप से कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने वाला तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था। वह पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) की पढ़ाई कर रहा था।