जौनपुर। जिला अस्पताल में ग्लूकोज के पानी और एंटीबायोटिक दवाओं का टोटा हो गया है। बर्न वार्ड में लगा एसी शो पीस बना है तो वार्डों में पंखों की कमी है। यही स्थिति पीएचसी और सीएचसी की भी है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
जिले में लोगों का उपचार करने के लिए जिला अस्पताल व महिला अस्पताल सहित 14 सीएचसी,10 पीएचसी, 73 एडीशनल पीएचसी है। इस समय खसरा व डायरिया का प्रकोप जारी है। इसकी चपेट में रोज कोई न कोई आ रहा है। इसके अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की भी भारी भीड़ लगी रहती है। लेकिन इन अस्पतालों में मरीजों की सुविधाओं का अभाव है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं पर नजर दौड़ाए तो प्रतिदिन लगभग 500 से अधिक मरीज अपना उपचार कराने आते हैं। लेकिन सुविधाएं नहीं रहने से उनको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मेन गेट के पास स्थित वेटींग रुम व कमरा नंबर 49 से 51 के बाहर पंखा नहीं है। जबकि रोज लगभग 150 से 200 मरीज अपने तीमारदारों के साथ जांच कराने आते हैं। महिलाओं को बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया है। बर्न वार्ड में लगा एसी भी शो पीस बना हुआ है। एसी को चलाया ही नहीं जाता है। ग्लूकोज के पानी का बोतल सहित एंटी बायोटिक आदि दवाएं उपलब्ध नहीं है। जिसे खुद मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।
बर्नवार्ड में लगी एसी का लोड जनरेटर नहीं उठा पाता है। जिससे बिजली नहीं रहने पर एसी बंद रहती है। पंखे की व्यवस्था की जा रही है, जो दवाएं नहीं है। उसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक