वाराणसी। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में युवा प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन में नए भारत के निर्माण पर संवाद हुआ। तीन सत्रों में चले इस संवाद में प्रवासी और बीएचयू के छात्रों के बीच खेल, स्वास्थ्य और डिजिटल इंडिया पर भी बात हुई।
इस मौके पर पूर्व क्रिकेटर व योगी सरकार के खेल मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि युवा प्रवासी भारतीय दुनिया में किसी से कम नहीं हैं। प्रवासियों ने देश का नाम ऊंचा किया है। आपके पूर्वज यहां से माइग्रेट करके दूसरे देशों में गए। आज आप अपनी मातृभूमि पर आए हैं। यहां की धर्म, कला संस्कृति को जानेंगे। अध्यक्षता कर रहे बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि यह आयोजन काशी के बीएचयू में हो रहा है। यह गौरव की बात है। कार्यक्रम की शुरुआत महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन, मंगलगीत और कुलगीत से हुई। इस मौके पर प्रवासी भारतीयों में हरि गोर, मालाश्री, हरसिमरन, अखिलेश शर्मा, रोहन शर्मा, अमितोष, अखिलेश मदान, बीएचयू के प्रो. वीके शुक्ल, प्रो. नीरज त्रिपाठी, प्रो. एचपी श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे।
पहला सत्र : राष्ट्र निर्माण पर जोर
पहले सत्र में राष्ट्र के निर्माण में प्रवासी भारतीयों के भूमिका पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता प्रो. प्रियंकर उपाध्याय ने की। इसमें कहा गया कि विश्व भर में प्रवासी भारतीय देश का नाम रोशन कर रहे हैं। वसुधैव कुंटुबंकम को ध्यान में रखकर हमें आगे बढ़ना है। हर चुनौती का सामना करना है।
दूसरा सत्र : खेल और स्वास्थ्य पर चर्चा
दूसरे सत्र में खेल और बेहतर स्वास्थ्य पर चर्चा हुई। इसकी अध्यक्षता प्रो. सुषमा घ्रिंडियाल ने की। इसमें प्रवासी और बीएचयू छात्रों के बीच संवाद में कहा गया कि खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारतीय आगे बढ़ रहे हैं। भारत में खेलो इंडिया के जरिए जो एकता पिरोई जा रही है, उसकी चर्चा हर जगह है।
तीसरा सत्र : डिजिटल इंडिया की बात
तीसरे सत्र में डिजिटल इंडिया पर चर्चा हुई। इसकी अध्यक्षता प्रो. विवेक सिंह ने की। इसमें चर्चा हुई कि डिजिटल इंडिया पर अभी और काम करने की आवश्यकता है। सभी विभागों और जनता से जुड़े सारे कार्यों को आनलाइन करने की आवश्यकता है। इस मामले में हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान आगे हैं।