वाराणसी। डीरेका महाप्रबंधक की ओर से बुधवार को बुलाई गई बैठक में कार्यवाहक प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर को प्रवेश से रोकने के मामले में डीरेका प्रशासन ने गुरुवार को स्थिति स्पष्ट कर दी।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया कि डीजल इंजन बनाने के लिए जरूरी मैटेरियल के बारे में बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बारे में ग्रुप एसएमएस से यह जानकारी दी गई। भूल से एसएमएस कार्यवाहक पीसीएमई के पास भी चला गया था।
पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि कार्यवाहक पीसीएमई की बैठक में जरूरत नहीं थी। नए कार्य वितरण के अनुसार प्रोडक्शन और उसके लिए जरूरी मैटेरियल की जिम्मेदारी प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर की नहीं है। कहा कि बैठक शुरू होने से पहले ही उप महाप्रबंधक तथा सचिव ने कार्यवाहक प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर से भूल के लिए क्षमा भी मांग ली थी।
दूसरी ओर मकैनिकल विंग से जुड़े के अधिकारियों का कहना है कि बैठक में कई मकैनिकल के अधिकारी मौजूद थे। ऐसे में विभागाध्यक्ष को नहीं बुलाया जाना गलत है।