इलाहाबाद। भाजपा काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री रत्नाकर का आपत्तिजनक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी विवेचना आगे नहीं बढ़ सकी है। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि मामले में आईटी एक्ट की धाराएं भी लगी हैं, जिसके कारण साइबर सेल को जानकारी दी गई है। उनकी ओर से कुछ तथ्य मिलने के बाद विवेचना शुरू की जाएगी।
रत्नाकर भाजपा काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री हैं। 11 अक्तूबर को फेसबुक पर उनका आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया था। जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से एसएसपी से शिकायत की गई। उधर, अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। कहा गया कि सुशील त्रिवेदी नाम के व्यक्ति ने रत्नाकर की फोटो को एडिट व कांट-छांट करके एक महिला के साथ जोड़ते हुए कूटरचित तरीके से अश्लील फोटो व वीडियो क्लिपिंग बनाई।
इसके बाद पार्टी व संगठन मंत्री को बदनाम करने की नीयत से सुबह नौ बजे अश्लील फोटो, क्लिपिंग व अभद्र स्टेटस अपने फेसबुक आईडी से पोस्ट करके शेयर किया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि राजनीतिक विरोधी साजिश के तहत जान-बूझकर शेयर कर रहे हैं। तहरीर में यह भी कहा गया है कि आईडी देखने से पता चला है कि आरोपी सपा पदाधिकारी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली थी।