वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सत्र 2018-19 से आचार्य (स्नातकोत्तर) पाठ्यक्रम में सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। विश्वविद्यालय के साथ ही संबद्ध कालेजों में भी यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। मंगलवार को कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ला की अध्यक्षता में हुई विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक में इस पर मुहर लगी।
विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में हुई बैठक में सेमेस्टर सिस्टम पर बिंदुवार चर्चा के बाद सदस्यों ने इस पर मुहर लगाई। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इसमें विषयवार अलग-अलग सेमेस्टर में पढ़ाई होगी और वार्षिक परीक्षा की जगह सेमेस्टर परीक्षा भी कराई जाएगी। इसके अलावा यह भी फैसला हुआ कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों के लिए वेबसाइट पर ही सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध रहेगा, जिसके बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। हाल ही में यूजीसी ने सभी विश्व विद्यालयों को सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया था। उस क्रम में काशी विद्यापीठ में तो लागू हो चुका था लेकिन संस्कृत विश्वविद्यालय में अभी यह व्यवस्था नहीं बन पाई थी। बैठक में कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी, प्रो. रमेश द्विवेदी, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. राम पूजन पांडेय, प्रो. सुधाकर मिश्र आदि लोग मौजूद रहे।