ज्ञानपुर। केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन करने वाले गांवों को मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा। जिला, मंडलीय एवं राज्य स्तरीय समिति के सत्यापन के बाद गांव के प्रधान को यह पुरस्कार 30 जून को सीएम खुद देंगे। इसके लिए 10 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है।
कृषि प्रधान देश की तरक्की के लिए गांवों का विकास बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गांवों को विकास की पटरी पर लाने की कवायद चल रही है। प्रधानों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना लागू की गई है। सरकार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक पुरस्कार के लिए आवेदन करने की 31 मार्च तक अंतिम तिथि तय की गई थी, लेकिन सूबे के कई जिलों से आवेदन न होने से तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन होने के बाद जिला स्तरीय कमेटी स्थलीय सत्यापन करेगी। 10 मई को जिला स्तरीय कमेटी सर्वाधिक अंक पाने वाली ग्राम पंचायतों को राज्य परफारमेंस समिति को भेजेगी। 20 मई तक प्रदेश समिति उसका परीक्षण करेगी और 30 मई तक मंडलीय उप निदेशक उसका स्थलीय परीक्षण करेंगे। 20 जून तक राज्य कमेटी ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करने का अनुमोदन सरकार को भेजेगी। 30 जून को सीएम उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान को पुरस्कृत किया जाएगा। डीएम ने कहा कि पांच मार्च को 45 प्रश्नों की 100 अंकों वाली हिंदी प्रश्नावलियां पंचायत साफ्टवेयर पर ऑनलाइन की गईं हैं। इस पर ग्राम प्रधान हां या नहीं में उत्तर अंकित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रश्नवाली के प्रश्न संख्या 22 में त्रुटिवश अधिकतम तीन अंक के स्थान पर चार अंक अंकित हो गया है, जिसे अब तीन अंक ही पढ़ा जाएगा।