वाराणसी। चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा नवसंवत्सर पर रविवार को रथयात्रा स्थित दाउजी उपवन में कुमुद दीवान फाउण्डेशन ऑफ क्लासिकल म्यूजिक एण्ड डांस दिल्ली द्वारा नमोन्मेष-व्यक्ति,परिवार,व नगर विषयक पर संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन ने किया गया। संवाद को संबोधित करते हुए महंत विश्म्भर नाथ मिश्र ने कहा कि काशी के पारम्पिरिक स्वरूप को संरक्षित करके ही काशी का विकास संभव है,गंगा काशी की पहचान है इसको बचाए बिना काशी का विकास नहीं हो सकता। वहीं बागीश दत्त शास्त्री ने कहा की काशी की परम्परा,उसकी विरासत,उसकी संस्कृति को जानने वाला ही उसमें नविनता ला सकता है। वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के भरत गुप्ता ने कहा कि आज के समय में उत्सव मनाने का क्रम चल रहा वो सिर्फ बाजारीकरण को बढ़ावा दे रहा है । उत्सव का मतलब होता है जो आत्मा को आनंदित करें। संवाद में पं.उपेन्द्र त्रिपाठी,डॉ.राजाराम शुक्ल,जितेंद्र नाथ मिश्र आदि ने संबोधित किया। अतिथियों का स्वागत कुमुद दीवान ने किया।