तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के आगमन की तैयारियां सारनाथ में जोरों पर हैं। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान परिसर को पंचशील झंडों और फूलों से सजाया जा रहा है। यहां 19 से 21 मार्च तक आयोजित भारतीय विश्वविद्यालय संघ के 92वें अधिवेशन में तिब्बती धर्मगुरु शामिल होंगे और प्रतिभागी कुलपतियों से सीधा संवाद करेंगे।
अधिवेशन के तीन तकनीकी सत्रों में विघटनकारी तकनीकी, नवाचार, उद्यमशीलता और मानव मूल्यों पर देश के कई विद्वान अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के लिए संस्थान की साज-सज्जा को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। तिब्बती धर्मगुरु के स्वागत के लिए सारनाथ के मवइया तिराहे पर भव्य तोरणद्वार बनाया जा रहा है। संस्थान परिसर और हवेलिया सारनाथ में भी तोरणद्वार बनाए जाने के साथ तिब्बत के पारंपरिक अंदाज में सजावट की जा रही है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. देवराज सिंह ने बताया कि दलाईलामा की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा संस्थान के छात्र-छात्राओं को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को धर्मशाला से तिब्बती धर्मगुरु के सुरक्षाकर्मी यहां पहुंच जाएंगे।