वाराणसी। योगी सरकार ने बजट में काशी की देव दीपावली के लिए सौगात दी है। बजट में प्रदेश में होने वाले महोत्सवों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध देव दीपावली भी शामिल है। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस महोत्सव पर अब तक करीब 15 लाख रुपए खर्च होते थे, लेकिन इस बजट के बाद देव दीपावली की भव्यता और भी बढ़ने की संभावना है। बता दें कि देव दीपावली की परंपरा सबसे पहले पंचगंगा घाट पर 1915 में हजार दीपक जलाकर शुरु की गई थी। बाद में काशी के लोगों ने आपसी सहयोग से महोत्सव को बदल कर इसे विश्व प्रसिद्ध कर दिया। इस अद्भुत नजारे को देखकर लगता है कि मानो पूरी आकाशगंगा ही जमीन पर उतर आई हो। दीपावली के 15 दिन बाद कार्तिक मास की पूर्णिमा को देव दीपावली मनाई जाती है।
इस अवसर पर उत्तर वाहिनी गंगा अर्द्ध चंद्राकार घाटों पर सैंकड़ों दीये जलाने के साथ मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस मौके पर असंख्य दीपक और झालरों की रोशनी से आदि केशव घाट से लेकर संत रविदास घाट और यहां तक कि वरुणा तट, सभी देवालय, महल, भवन, मठ-आश्रम जगमगा उठते हैं। प्राचीन कुंड और सरोवर भी इससे अछूते नहीं रहते हैं।
अविनाश चंद्र मिश्रा, सयुक्त निदेशक, उत्तर प्रदेश पर्यटन ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पर्यटन के तहत होने वाले विभिन्न महोत्सवों के लिए अच्छा बजट दिया है। इसमें देव दीपावली को बजट में प्राथमिकता पर लिया गया है। इससे काशी के पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।