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बिहार से आकर मुकेश की कॉलोनी में ठहरे थे युवक

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वाराणसी। डीरेका के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या के पांच दिन बाद रविवार को भी तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों के हाथ खाली रहे। इस बीच एक बात यह सामने आई है कि मुकेश डीरेका स्थित जिस पश्चिमी कॉलोनी में रहते थे वहां एक कर्मचारी के नाम पर आवंटित आवास में कुछ बाहरी युवक 15 जनवरी के बाद से आकर ठहरे हुए थे। सभी खुद को बिहार निवासी बताते थे। बीते 23 जनवरी की रात जब मुकेश की हत्या हुई तो उन युवकों ने दारू और मुर्गा की पार्टी की थी और उसके बाद से फिर सभी कॉलोनी में नहीं देखे गए। वहीं, पुलिस को जिले के एक पूर्व विधायक के करीबी जिन दो ठेकेदार भाइयों पर शक है, वो और उनसे जुड़े लोगों का अभी तक सुराग नहीं लग सका है।
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डीरेका के कर्मचारी नेता मुकेश की हत्या का कारण पुलिस के अनुसार उनके द्वारा बजरंगी गिरोह से जुड़े ठेकेदारों के ठेकों की जांच कराना और परिषद का चुनावी विवाद है। मुकेश के मोबाइल की कॉल डिटेल और वॉयस रिकॉर्डर से जो साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं उसके आधार पर पांच आरोपियों को पुलिस ने चिह्नित भी कर लिया है मगर सभी कहां छिपे हैं, यह पता लगा पाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर कौन थे और कहां से आए थे। रविवार को भी क्राइम ब्रांच सहित छह टीमों की छापामारी और संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी रहा लेकिन कोई उल्लेखनीय सफलता हाथ नहीं लगी। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ और छापामारी का सिलसिला जारी है। संभावना है कि जल्द ही मामले में पुलिस को उल्लेखनीय सफलता हासिल होगी।
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