ज्ञानपुर। जिले में शनिवार की देर रात आई आंधी और बारिश ने किसानों के अरमानों को धराशायी कर दिया। खेतों में पक कर तैयार फसलें धराशायी हो गईं। तेज आंधी से खलिहानों में रखे फसलों के बोझ उड़ गए। साथ ही बारिश से फसलें गीली होने की वजह से कटाई-मड़ाई का काम भी बाधित हो गया है। आम की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, ग्रामीण इलाके में कई जगह पेड़ गिरने और तारें टूटने से बिजली आपूर्ति भी घंटों बाधित रही। साथ ही सड़कों और गलियों में जलभराव भी हो गया।
जिले में एक पखवारे से किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई करना शुरू कर दिए हैं। मौसम में आए दिन हो रहे बदलाव को देखते हुए अन्नदाता अपनी पकी फसलों को घरों में पहुंचाने के लिए मेहनत से जुटे हैं। गेहूं, अरहर, जौ, मटर, चना, मूंग, की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। 25 से 30 फीसदी तक कटाई भी पूर्ण हो चुकी है लेकिन शनिवार की रात अचानक बेमौसम बारिश ने किसानों की तेजी पर ब्रेक लगा दिया। तेज हवाओं संग बारिश से खेतों में काटकर छोड़ी गई फसल तितर-बितर हो गई जबकि बांधे गए बोझ भी भीग गए। इससे कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित हो गया। आंधी और बारिश से सबसे अधिक नुकसान आम का हुआ है। उसके बौर जमींदोज हो गए। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र दुबे ने बताया आंधी-पानी से आम की फसल को 22 से 25 फीसदी नुकसान हुआ है। टिकोरे जमीन पर गिर गए। कृषि वैज्ञानिक राजेंद्र चौधरी ने कहा कि गेहूं की फसले गिरने से उसकी कटाई में परेशानी होगी। बालियां टूट जाने से पैदावार प्रभावित होगा। तिलहनी फसलों में बारिश सके चलते किड़े लग जायेंगे। दलहनी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसान भोलानाथ उपाध्याय ने कहा कि करीब 20 फीसदी मड़ाई हो सकी है। अभी 10 बीघे से अधिक गेहूं खेतों में पड़ा है। बारिश से काफी नुकसान हुआ। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि जिले में 25 फीसदी गेहूं कट गया है, 75 फीसदी खेत में है। जो गेहूं की फसल नहीं कटी है उस पर खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे 10 फीसदी तक पैदावार घट सकती है।