वाराणसी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कराए जाने वाले स्वच्छता सर्वे-2018 में इस बार काशी को देश केचार हजार से अधिक शहरों के बीच परीक्षा देनी होगी। पिछले दो स्वच्छता सर्वे की तुलना में इस बार शहरों की संख्या बढ़ गई है। इसी के साथ मंत्रालय ने दस्तावेजों में मिलने वाले अंकों को भी घटाकर शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में नागरिकों के फीडबैक पर अंकों को बढ़ा दिया है। इससे अब यहां पिछली रैंकिंग को सुधारने के साथ ही उसे और बेहतर करने की चुनौती होगी।
जनवरी और फरवरी में स्वच्छता सर्वे की टीम शहर को स्वच्छता की कसौटी पर देखेगी। इसमें कूड़ा प्रोसेसिंग, कलेक्शन, सफाई, स्थलीय निरीक्षण और सफाई के बारे में नागरिकों से फीडबैक लिया जाना है। स्वच्छता सर्वे 2018 में डाक्यूमेंटेशन पर मिलने वाले 45 फीसदी अंक को घटाकर 35 फीसदी कर दिया है। दरअसल पिछली बार सर्वे के बाद कई शहरों से शिकायत मिली थी कि स्वच्छता के मानक कागज पर तो पूरे किए गए थे मगर हकीकत में उतनी तैयारी नहीं थी। इसी के चलते इस बार इस पर मिलने वाले 10 अंकों को घटाकर नागरिकों के फीडबैक पर मिलने वाले 30 अंक को बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है।