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हाईवे किनारे अवैध प्लाटिंग की होड़

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वाराणसी। शहर के बाहरी हिस्से में हाईवे किनारे अवैध प्लाटिंग की होड़ मची है। वीडीए से न अप्रूवल, न ही लेआउट और नक्शा। सब कुछ मनमाना। घर बनाने वालों को सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर डेवलपर्स ने करोड़ों कमा लिए। दो से ढाई गुना मुनाफे पर प्लाट बेचे गए। एनएच-56 पर अकेले हरहुआ-बाबतपुर के पास डेवलपर्स अब तक 1600 करोड़ से अधिक का कारोबार कर चुके हैं। अब जब वीडीए ने बिना ले आउट कालोनी विकसित करने और प्लाट बेचने वाले डेवलपर्स पर कार्रवाई की तो प्लाट खरीदने वालों को होश उड़ गए हैं।
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फिलहाल वीडीए ने यहां पांच डेवलपर्स की पूरी प्लाटिंग एरिया सील कर दी है। एजेंटों और खरीदारों से गुलजार रहने वाले इन डेवलपर्स के ठिकानों पर रविवार को सन्नाटा पसरा दिखा। वीडीए अब एनएच-29 (वाराणसी-गोरखपुर) और एनएच-35 (वाराणसी-आजमगढ़) पर कार्रवाई की तैयारी मेें है। पिछले जुलाई महीने में एनएच-दो पर मोहनसराय से मुगलसराय के बीच अवैध कॉलोनियां बसाने वालों के विरुद्ध वीडीए ने सबसे पहले कार्रवाई की थी। उसके बाद एनएच-56 वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर शनिवार को बाबतपुर-हरहुआ के पास अहरक, अठगावा, सेहमलपुर, पश्चिमपुर में अवैध प्लाटिंग करने वाले पांच डेवलपर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही, उनके कार्यालय और प्लाटिंग के लिए खड़ी की गईं दीवारें ध्वस्त की गईं। रविवार को यहां सन्नाटा पसरा रहा। डेवलपर्स के इक्का-दुक्का एजेंट नजर आए। वीडीए के मुताबिक बिना ले आउट पास कराए यहां 160 प्लाट में से 80 से अधिक बेचे जा चुके हैं। किसानों से 8-10 लाख रुपये बिस्वा जमीन खरीदी गई और उसे 18-20 लाख रुपये प्रति बिस्वा बेचा गया। अब वीडीए की कार्रवाई के बाद प्लाट खरीदने वाले परेशान हैं।
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