वाराणसी। इंदिरा गांधी ने भारत के राष्ट्र गौरव को एक नई ऊंचाई प्रदान की। पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी विजय भारत की झोली में डालने वाली उस लौह महिला ने पाकिस्तान का विभाजन कराकर धर्म के नाम पर राष्ट्र की अवधारणा को तोड़ दिया। एक लाख पाक सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद पूरी दुनिया ने उनकी कूटनीति का लोहा माना था। यह बातें कांग्रेस वक्ताओं ने रविवार को बादशाहबाग स्थित केंद्रीय कार्यालय पर आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सौवीं जयंती पर कहीं।
केंद्रीय चुनाव कार्यालय में इंदिरा गांधी शताब्दी मनाने जुटे कांग्रेसजनों ने इंदिरा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी विश्व की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक शख्सियत थीं। बैंक राष्ट्रीयकरण, पूर्व राजाओं के विशेष अधिकार उन्मूलन, भूमि सुधार, हरित क्रांति, टेलीविजन क्रांति, श्वेत क्रांति आदि के द्वारा उन्होंने भारत के विकास पर दूरगामी प्रभाव छोड़ा था। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रजा नाथ शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में डा. राजेश मिश्र, अजय राय, प्रो. सतीश राय, अनिल श्रीवास्तव, सीताराम केसरी, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, प्रो. अनिल उपाध्याय, मणीन्द्र मिश्रा, विजय शंकर मेहता आदि मौजूद थे।
वहीं दूसरी तरफ बीएचयू में एनएसयूआई की ओर से संवाद का आयोजन किया गया। जनकल्याण परिषद की ओर से साहित्यकार डा. बनवासी सिंह यदु द्वारा लिखित इंदिरा गांधी काव्य कृति के चतुर्थ संस्करण का विमोचन किया गया। इस दौरान एस. एम सुल्तान, गंगा सहाय पांडेय, एसपी श्रीवास्तव, शालिनी यादव उपस्थित रहीं।