वाराणसी। जिले में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 52 स्वास्थ्य केंद्राें पर लगे आरोग्य मेले में 1787 लोगों की जांच की गई। इसमें दो बच्चे जहां कुपोषित मिले वहीं दस लोगों में टीबी के संभावित लक्षण भी मिले। जांच के दौरान 19 महिलाओं के एनीमिक मिलने पर उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
हर रविवार को लगने वाले मेले के क्रम में 24 अप्रैल को कुल 1787 में से 682 पुरुष, 865 महिलाएं और 240 बच्चों को देखा गया। इस दौरान 78 लोगों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। इसके अलावा 49 लोगों की हेपेटाइटिस-बी व सी की जांच हुई। 167 बुखार और 82 लोगों की मलेरिया जांच में एक भी पॉजिटिव नहीं मिला। 107 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) करने के साथ ही 716 अन्य रोगों के मरीज देखे गए। शहरी क्षेत्र में पीएचसी कोनिया पर लगे मेले का शहर दक्षिणी के विधायक और पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराना ही मेले का उद्देश्य है।
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अनुपस्थित संविदा चिकित्सक बर्खास्त, कर्मचारियों का रुका वेतन
आरोग्य मेले में शहरी पीएचसी कोनिया पर अनुपस्थित संविदा चिकित्सक डॉ. राहुल झुनझुनवाला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके साथ ही अनुपस्थित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश सीएमओ ने दिया। मेले में निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अनुपस्थित चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का सीएमओ को निर्देश दिया था। सीएमओ ने बताया कि डॉ. झुनझुनवाला के कार्यों के प्रति लापरवाही की पूर्व में शिकायत मिल चुकी है लेकिन कोई सुधार नहीं हो पा रहा था। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही थी, इस वजह से यह कड़ी कार्रवाई की गई।