वाराणसी। श्री विद्यामठ में सोमवार को परम धर्म संसद के लिए तीन दिवसीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पिछली परम धर्म संसद की कमियों पर चर्चा की और आगे की कार्य योजना के लिए सुझाव दिए।
उन्होंने धर्मासदों के अधिकार और कर्तव्य के साथ कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के गठन के प्रस्तावों पर चर्चा की। उपस्थित सभी धर्मासदों ने परम धर्म संसद के कुल 108 विभागों के गठन करने का प्रस्ताव दिया। इसमें एक राजनीतिक विभाग भी होगा जो देश को सनातनी नेतृत्व प्रदान करेगा। इससे पहले बैठक का शुभारंभ जयघोष और अनिरुद्ध मिश्र के वैदिक मंगलाचरण से हुआ। हरिमोहन दास ने परम धर्म संसद के गीत प्रस्तुत किए।
बैठक में प्रमुख रूप से चित्रकूट से महंत राजीव लोचन दास, पश्चिम बंगाल से स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती, मध्य प्रदेश से महंत महाराजमणि सनातन, स्वामी धर्मानंद महाराज, महंत स्वामी भगवान, छत्तीसगढ़ से ब्रह्मचारी केशवानंद, स्वामी प्रेम परमानंद, बिहार के लाल बाबा, जम्मू से लाल शर्मा, डॉ. विजय शर्मा, गुजरात से गार्गी पंडित, किशोर दवे, दिल्ली से स्वामी तारिभुवनदास, जितेंद्र खुराना, श्रीलवी भारद्वाज, लखनऊ से दीपक आत्रेय, मुंबई से दिव्य रत्न दीक्षित, तमिलनाडु से एस. अलमेलू आदि उपस्थित रहे।