वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली नजूल की जमीन से संबंधित प्रकरण की सुनवाई गुरुवार को लखनऊ में विधान परिषद की समिति करेगी। समिति के सामने जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण और आवास विकास विभाग के अधिकारी पेश होकर क्लब के कब्जे वाली जमीन से संबंधित कागजात और अवैध निर्माण के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। इसके आधार पर समिति निर्णय लेगी।
बनारस क्लब के कब्जे वाली 1.33 एकड़ नजूल की जमीन, इसका पट्टा और यहां हुए अवैध निर्माण से संबंधित प्रकरण की सुनवाई सपा के विधान परिषद सदस्य नरेश उत्तम की अध्यक्षता वाली विधान परिषद की समिति कर रही है। इससे पहले सुनवाई के दौरान जमीन से जुड़े कागजात को पर्याप्त न मानने के साथ ही अवैध निर्माण पर न हुई कार्रवाई पर समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई थी। साथ ही, समिति के सदस्यों ने कहा था कि जिला प्रशासन और वीडीए के अफसर पूरी तैयारी के साथ समिति के समक्ष पेश हों।
मामले में समिति ने 12 नवंबर को भी शहरी आवास विकास विभाग के प्रमुख सचिव के अलावा जिलाधिकारी और वीडीए उपाध्यक्ष को तलब किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के मद्देनजर अधिकारियों ने समिति के सामने प्रस्तुत होने से छूट मांग ली थी। नजूल की जमीन पर बनारस क्लब के कब्जे को अवैध बताते हुए अदालती गतिविधियों के लिए देने की मांग को लेकर अधिवक्ता समुदाय कई बार आंदोलन कर चुका है। क्लब को आवंटित जमीन के नवीनीकरण का मामला करीब दो दशक से लंबित चल रहा है।