वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए तैयार होने वाली टेंट सिटी में मिनी प्रधानमंत्री कार्यालय बनाया जाएगा। इसके पास ही द्विपक्षीय वार्ता के लिए कांफ्रेंस हाल भी तैयार किया जाएगा। मिनी पीएमओ के स्थान आदि को लेकर मंगलवार को विदेश मंत्रालय के साथ ही एसपीजी के डीआईजी और उनकी टीम ने सुरक्षा मानकों की जांच की। विदेश मंत्रालय ने प्रशासन को 10 दिसंबर तक जमीन हैंडओवर करने और 20 दिसंबर तक 80 फीसदी काम करने का लक्ष्य दिया है। उसके बाद सभी कामों को फिनिशिंग टच दिया जाएगा। विदेश मंत्रालय की आठ सदस्यीय टीम ने मंगलवार को प्रवासी सम्मेलन के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया। विदेश मंत्रालय ने अपने अस्थाई कार्यालय के लिए हस्तकला संकुल में स्थान भी चिह्नित किया है।
मुख्य आयोजन स्थल रिंग रोड किनारे ऐढे़ गांव में बन रहे प्रवासी ग्राम (टेंट सिटी) को छह हिस्सोें में विभाजित किया गया है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने टेंट सिटी की व्यवस्थाओं पानी, प्रकाश, यातायात, खानपान, ठहरने की व्यवस्था आदि की विस्तार से टीम को जानकारी दी। शहर को फसाड लाइटिंग, एलइडी, झालरों, वॉल पेंटिंग से सजाया जाएगा।
पर्यटन विभाग द्वारा काशी के पौराणिक, ऐतिहासिक पर्यटन स्थल आदि की संकलित सूचना प्रवासी भारतीयों के लिए तैयार की जा रही है। टेंट सिटी, टीएफसी पर काउंटर रहेंगे। जहां प्रवासी भारतीय जिस स्थान को देखने की इच्छा करेंगे, उन्हें फेसिलिटेट किया जाएगा। सचिव डा. मुलय ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पहली बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन हो रहा है। वाराणसी में गत 3-4 वर्षों में बहुत विकास कार्य हुआ है। इस दौरान विदेश मंत्रालय टीम के सुशील सिंघल, एमपी सिंह, रमेश कामरा, विजेंद्र सिंह, विनोद वडे, पद्ममजा व विशेष सचिव पीबीडी अरुण कुमार सहित जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, नगर आयुक्त डॉ नितिन बंसल, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी, चीफ इंजीनियर लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सिने तारिका हेमा मालिनी का होगा कार्यक्रम
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के दौरान सुप्रसिद्ध सिने तारिका हेमा मालिनी का कार्यक्रम होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भारतीय शास्त्रीय संगीत, अमृत कुंभ आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए हैं।