सीतामढ़ी। गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ाव पर है। बारिश और अन्य नदियों का पानी छोड़े जाने से जाह्नवी का जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार को सुबह तीन सेंटी मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी बाद में घटकर शाम को फिर 2 सेंटीमीटर हो गया है। जल स्तर इस सीजन के अधिकतम स्तर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी मीटर गेज कार्यालय से प्राप्त आंकड़ो पर गौर करे तो मंगलवार शाम 6 बजे जल स्तर 77.690 मीटर दर्ज किया गया जो इस सीजन का उच्चतम स्तर है। करीब डेढ़ महीने से बारिश से गंगा का जलस्तर कभी बढ़ता तो कभी घटता है। गत तीन दिनों से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी घाटों से काफी आगे जा रहा है। सीतामढ़ी गंगा घाट की कई सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया। इसी तरह उड़िया बाबा आश्रम के नींव तक पानी पहुंच गया है। जल स्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी आश्रम के नींव पर चढ़ने लगा है। बनकट गंगा तट पर स्थित बाबा धवासानाथ महादेव मंदिर घाट की सीढ़ी भी पानी मे डूबती जा रही है। छेछुआ और भुर्रा के गंगा कटान तेजी से हो रहा है। किसानों की कृषि भूमि कट कट कर गंगा में समाती जा रही है। मजबूर किसान अपनी बर्बादी पर आंसू बहाने पर मजबूर है। तीन ओर से गंगा से घिरा जनपद का कोनिया क्षेत्र गंगा के बाढ़ की दृष्टि से संबेदनशील है। वर्ष 1978 की भयंकर गंगा बाढ़ ने कोनिया क्षेत्र में काफी तबाही मचा चुकी है। उस बाढ़ की तबाही का मंजर देख चुके लोगो में आज भी उस खौफनाक बाढ़ की यादें बसी हुई है।