फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लीज होल्ड औद्योगिक भूमि हो फ्री होल्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नए आयाम देने के लिए गुरुवार को यहां इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (आईआईए) के तत्वावधान में जुटे प्रदेश भर के उद्यमियों-कारोबारियों ने कई अहम सुझाव दिए। कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने की खातिर लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड किया जाना चाहिए। उद्यमियों ने लैंड बैंक बनाने का वादा पूरा करने की गुजारिश भी सरकार से की। कहा कि ऐसा होने पर युवा उद्यमियों को उनकी जरूरत के हिसाब से भूमि उपलब्ध कराने में आसानी होगी। सकारात्मक माहौल के साथ नीतियों को आकर्षक बनाने पर भी बल दिया गया।
विज्ञापन

छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में हुए मंथन में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि उद्यमियों के सुझाव पर सरकार की सकारात्मक पहल औद्योगिक विकास को गति देगी। कहा कि लघु उद्योगों का देश के आर्थिक विकास दर और रोजगार सृजन में अहम योगदान है। हाल में घोषित उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 पर चर्चा करते हुए उन्होंने इस नीति को उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक बताया। कहा कि इसमें उद्यमियों की तरफ से पूंजी निवेश पर जो वित्तीय सुविधाओं की घोषणा की गई है, उनके कार्यान्वयन के लिए जारी नियमों में कुछ कमियां हैं। प्रदेश में अधिक निवेशोन्मुख माहौल के लिए औद्योगिक नीति-2017 को अधिक आकर्षित बनाए जाने की जरूरत है।
आईआईए के डिवीजनल चेयरमैन आरके चौधरी ने कहा कि प्रदेश में विशेषकर पूर्वांचल में औद्योगिक विकास की असीम संभावनाएं हैं। सड़क, रेल, जल परिवहन के विकास की संभावनाओं के साथ ही यहां के युवाओं में भी उद्यमिता असीमित है। सरकार के थोड़े से प्रोत्साहन से इस क्षेत्र में उद्योगों को नए पंख लग सकते हैं। धन्यवाद वाराणसी चैप्टर के चेयरमैन राजेश भाटिया ने दिया। मंथन में डायस पर आईएसी चेयरमैन नीरज सिंघल, आईएसी राष्ट्रीय संयोजक जितेंद्र पारिख, राष्ट्रीय सचिव केके अग्रवाल, अशोक अग्रवाल,राजेश भाटिया,सुनील वैश्य, मंडल चेयरमैन आरके चौधरी, राष्ट्रीय सचिव अनिल पांडेय व ममता शुक्ला मौजूद रहीं। स्थानीय उद्यमियों में शेषपाल गर्ग, राहुल मेहता, यूआर सिंह, श्रीनारायण खेमका, नीरज पारिख, सुभाष, रवि पाटोदिया, वशिष्ठ सिंह, रतन, अवधेश आदि मौजूद रहे। सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए। शाम को उद्यमियों ने गंगा आरती देखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें