वाराणसी। वरुणा कॉरिडोर के निर्माण कार्य की गति काफी धीमी है। यूपीपीसएल को काम की शुरुआत के वक्त ही प्रोजेक्ट की निर्धारित धनराशि 201 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से योजना पर अब तक 125 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मार्च, 2017 में क्लोजिंग के चलते लैप्स होने से बचाने के लिए शासन को 76 करोड़ रुपये काम पूरा हुए बगैर ही वापस कर दिए गए थे। अब तक निर्माण निगम ने खर्च का ब्योरा शासन को नहीं दिया। इसके चलते बाकी धनराशि अभी नहीं मिली है। हालांकि सिंचाई विभाग ने 76 करोड़ में से 15 करोड़ रुपये शासन से मांगे हैं। इधर काम लगभग ठप पड़ा है। इन्हीं रुपयों से बाकी बचे 30 से 35 प्रतिशत काम होना बाकी है।
दरअसल योजना की शुरुआत के बाद ही इसमें सवाल उठने लगे थे। प्रदेश सरकार की ओर से लेटलतीफी के मामले में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सोन सुरेश चंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया है। इसके बाद से जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। आला अधिकारियों ने भी बैठकों के माध्यम से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा कराने का निर्देश तो दिया लेकिन मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है। उधर, सिंचाई विभाग और यूपीपीसीएल के अधिकारियों के बीच खींचतान जारी है। विभाग काम पूरा करने का दबाव बना रहा है, उधर कार्रवाई के बाद से विभागीय इंजीनियर अपना गला बचाने में लगे हैं। चर्चा है कि मुख्य अभियंता के बाद विभाग के कुछ अन्य इंजीनियरों पर कार्रवाई की बात शासन स्तर पर चल रही है।