वाराणसी। कचहरी परिसर स्थानांतरित न करने के लिए अधिवक्ताओं के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को संवाद करेंगे। मंगलवार को यह निर्णय राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी और सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक सिंह प्रिंस की बातचीत के बाद लिया गया।
सेंट्रल बार अध्यक्ष ने बताया कि तय हुआ है कि कचहरी अपने मौजूदा जगह पर ही रहेगी और आसपास की जमीन अधिग्रहीत कर परिसर को विकसित किया जाएगा। इस मुद्दे पर अधिवक्ताओं के साथ सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री संवाद करेंगे। सेंट्रल बार अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ताओं की ओर से मुख्यमंत्री को अधिवक्तापुरम की स्थापना, मानदेय, पेंशन, चेंबर, टिनशेड मुक्त कचहरी, स्वास्थ्य बीमा और अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने संबंधी मांगपत्र भी सौंपा जाएगा।
पिछली बार जब सीएम जिले के दौरे पर आए थे तो अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर स्थानांतरित न करने की उनसे मांग की थी। इस पर सीएम योगी ने कहा था कि अधिवक्ताओं और काशीवासियों की रायशुमारी के बिना इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।