वाराणसी। निष्कासन के विरोध में यूपी कालेज परिसर स्थित रानी मुरार कुमारी बालिका इंटर कालेज की दो अध्यापिकाएं मंगलवार को प्रधानाचार्य कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गईं। उनका आरोप था कि प्रबंध समिति का हवाला देते हुए प्रधानाचार्य ने हमें विद्यालय से निकाल दिया है जबकि प्रबंध समिति की ओर से हमें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला।
विद्यालय की सहायक अध्यापिका अल्का रानी शाह और सुनीता सिंह को सेवा समाप्त करने का आदेश देते हुए प्रधानाचार्य ने उन्हें नोटिस थमा दी है। इसके विरोध में मंगलवार को स्कूल खुलने पर दोनों धरने पर बैठ गईं। दोनों शिक्षिकाओं का कहना था कि प्रधानाचार्य ने उनसे उनकी नियुक्ति के लिए पैसे मांगे थे। हमने पैसे नहीं दिया तो उन्होंने हमें निकाल दिया। उन्होंने प्रधानाचार्य पर दुर्व्यवहार और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने काभी आरोप लगाया है। अल्का रानी सिंह विद्यालय में 2009 से और सुनीता सिंह 2012 से कार्यरत हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारा निष्कासन वापस नहीं होता, हम धरने पर बैठी रहेंगी। वहीं, प्रधानाचार्य आभा सिंह ने अध्यापिकाओं के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि प्रबंध समिति के निर्देश पर उनकी सेवा समाप्त की गई है। इसकी जानकारी मैंने डीआईओएस को भी दे दी है।