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गुरु पूर्णिमा-सावन सिर पर, इंतजाम नदारद

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वाराणसी। सुबह मानसूनी बारिश के बाद सोमवार को शहर की सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से पार पाना मुश्किल हो गया। सड़कों के गड्ढे और भी दुखदायी बन गए। जलभराव के बीच जगह-जगह सीवर-नालों के ओवरफ्लो करने और कूड़ा-कचरा सड़क पर फैल जाने से वाहन सवारों के साथ ही पैदल राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। ये हालात तब हैं जब गुरु पूर्णिमा और सावन मेले में अब महज पांच दिन बाकी रह गए हैं। न सड़कें दुरुस्त हैं, न ही सफाई व्यवस्था। जिन सड़कों पर विकास कार्यों के लिए खुदाई कराई गई है, वहां हालात और बदतर हैं।
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गुरु पूर्णिमा नौ जुलाई को है और उस दिन शहर के विभिन्न मठों और सिद्धपीठों में दर्शन-पूजन के लिए लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा लेकिन अब तक तैयारियाें के नाम पर कहीं कोई प्रबंध नहीं है। जबकि, दस जुलाई से ही सावन मेले की भी शुरुआत हो जाएगी। फिर सावन भर कांवरियों और शिवभक्तों से शहर पटा रहेगा। सबसे अधिक समस्या सड़कों और सफाई व्यवस्था की बदहाली से है। बैरिकेडिंग आदि के काम भी अभी कराए जाने हैं। सोमवार की सुबह बारिश के बाद चौकाघाट से लहरतारा तक फ्लाईओवर बनने के कारण खस्ताहाल सर्विस रोड से गुजरना मुश्किल था। कैंट स्टेशन और रोडवेज के बाहर सड़क पर गड्ढों में पानी भरने से राहगीर और दोपहिया वाहन सवार गिरते-फिसलते रहे। पैदल निकलने तक की जगह नहीं थी। इलाहाबाद से मोहनसराय के रास्ते मंडुवाडीह-महमूरगंज-लक्सा गोदौलिया तक जाने का मुख्य मार्ग है। इसी मार्ग से कांवरियों के अलावा डाक बम बाबा दरबार तक जाते हैं। मंडुवाडीह में रेलवे ओवर ब्रिज के कारण सर्विस रोड खत्म हो चुकी है। इसी में रेलवे ने पुल निर्माण के लिए गर्डर रखकर रास्ता ब्लाक कर रखा है। पांडेयपुर, ककरमत्ता, लहुराबीर से नई सड़क मार्ग पर भी जगह-जगह ऐसी ही दुश्वारियां दिखीं। आईपीडीएस के तहत भूमिगत केबिल बिछाने के लिए खुदाई कराए जाने से पक्के महाल की गलियां भी बदहाल हैं। एक तरफ कीचड़, दूसरी तरफ कूड़ा-कचरा फैलने से नारकीय हालात नजर आए। गुरु पूर्णिमा और सावन मेले से पहले सड़क और सफाई की व्यवस्था दुरुस्त न कराई गई तो मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
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