वाराणसी। प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए तीन महीने से जारी सुधार कार्यों की कलई खोल दी है। चौबीस घंटे आपूर्ति के शासन के निर्देश के बावजूद आए दिन मरम्मत और सुधार कार्यों के नाम पर गर्मी भर कटौती की गई। अब शुरुआती बारिश में ही पूरे शहर की बिजली आपूर्ति चरमराने से महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं। इस बीच, घंटों की अघोषित कटौती का सिलसिला शनिवार को भी नहीं थमा। उमस भरे मौसम में शहर के अधिकतर इलाकों में दोपहर से शाम तक अंधाधुंध कटौती से शहरवासी पस्त हुए। शाम से आपूर्ति में सुधार तो हुआ लेकिन बिजली की आवाजाही रात तक नहीं थमी।
जानकारों का दावा है कि गर्मी के दिनों में बिजली सुधार कार्यों के नाम पर जिस तरह कटौती की गई, उस हिसाब से यदि वाकई व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया होता तो प्री-मानसून की पहली बारिश में ही इस तरह बेहिसाब कटौती नहीं होती। विद्युत सुधार के नाम पर उपकरणों, तारों की मरम्मत छोड़िए, अब तक पेड़ों की डाली काटने और पोल शिफ्टिंग का काम भी पूरा नहीं कराया गया है। तारों और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम भी उस रफ्तार से काम नहीं हुआ, जैसा कि महकमे ने दावा किया था।
शनिवार को दौलतपुर उपकेंद्र, चौकाघाट उपकेंद्र, नगर निगम उपकेंद्र से दोपहर डेढ़ बजे से गुल बिजली शाम साढ़े चार बजे आई। पूछने पर पता चला डालियों की छंटाई के लिए कटौती की गई है। मंडुवाडीह, शंकुलधारा, भदैनी फीडर से भी दोपहर दो बजे बिजली गुल हो गई। फिर देर रात तक बिजली की आवाजाही से छुटकारा नहीं मिल पाया। लोगों ने उपकेंद्र पर फोनकर समस्या जानने की कोशिश की तो वहां रिसीव करने वाला भी नहीं था। तरना उपकेंद्र से भी बिजली की आवाजाही पूरे दिन लगी रही। पिशाचमोचन कुंड के पास लगे ट्रांसफार्मर के इंसुलेटर में खराबी से इलाके के लोगों को दोपहर में बिजली बिन परेशान होना पड़ा। शहर में घंटों की अघोषित कटौती के ये हालात तब हैं जब शासन से 24 घंटे आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। इस बारे में विभागीय अभियंताओं का कहना है कि शहर में जगह-जगह कराए जा रहे विकास कार्यों के चलते तार और पोल शिफ्टिंग कराना पड़ रहा है। इससे आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है। साथ ही, कुछ स्थानों पर बिजली सुधार कार्यों की वजह से कटौती करनी पड़ रही है। अधिशासी अभियंता मनोज गुप्ता ने कहा कि मैदागिन, काशी, टाउनहाल उपकेंद्र से रविवार को सुबह 10 से 12 बजे तक बत्ती गुल रहेगी।