जलालपुर। क्षेत्र के नहोराडीह गांव में प्राचीन शिव मंदिर पर चल रहे महामृत्युंजय महायज्ञ व रामकथा का के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। आचार्य ने कहा कि हवन पूजा व पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान करने से हमें कई जन्मों के पुण्य मिलता है। यज्ञ में आहुति करने से मानव को दैहिक, दैविक और भौतिक तीनों त्रैतापो से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि इससे उठने वाला धूआ जहां वातावरण को पवित्र कर देता है। वही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रकृति में प्राण वायु (आक्सीजन) की मात्रा बढ़ा देता है। यज्ञ करते समय मन वाणी और कर्म अपने ईष्ट के प्रति एकाग्रचित होना चाहिए। प्रत्येक मानव को अपने जीवन काल में यज्ञ अवश्य करना चाहिए। इसकी वास्तविक पूर्णता तब है जब हम संकल्प लेकर आहुति के साथ अपने गलत बिचारों का परित्याग कर दें। इस मौके आयोजक प्रकाश सिंह, शनि सिंह, लालप्रताप सिंह, सर्वेश सिंह, राजमणि, राजेंद्र प्रसाद, कमला, अशोक, अनिल, घनश्याम प्रजापति, मनोज मित्तल मौजूद रहे।