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राजधानी की जगह लेगी टी-18

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वाराणसी। स्लीपर कोच वाली टी18 का निर्माण शुरू हो गया है। ये राजधानी की जगह लेंगी। पहले चरण में चेयरकार वाली टी18 ट्रेनें शताब्दी की जगह चलाई जाएंगी। यह बात उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक मोहन सिंह ने कैंट रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से कही। वह वंदे भारत ट्रेन के स्वागत के लिए काशी पहुंचे थे।
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उन्होंने बताया कि प्रयागराज से वंदे भारत एक्सप्रेस के वाराणसी पहुंचने के तीन मार्ग हैं। इलाहाबाद जंक्शन-जंघई-वाराणसी, वाराणसी-व्यासनगर-इलाहाबाद जंक्शन और मंडुवाडीह-प्रयागराज रूटों को लेकर मंथन चल रहा है। दो-तीन दिन में निर्णय हो जाएगा कि ट्रेन किस रूट और किस प्लेटफार्म से चलेगी। वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार दिल्ली से प्रयागराज तक 130 किलोमीटर प्रति घंटा और प्रयागराज से वाराणसी के बीच 110 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। उन्होंने कहा कि वाराणसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेनें कम से कम 13 घंटे लेती हैं। टी18 केवल साढ़े आठ घंटे में दिल्ली से वाराणसी पहुंचाएगी। इस रूट पर ट्रेन की स्पीड फिलहाल अधिकतम 130 किलोमीटर होगी। भविष्य में ट्रैक की बाड़बंदी के बाद ट्रेन को160 की रफ्तार से चलाया जा सकेगा।
शताब्दी के बराबर होगा किराया
महाप्रबंधक ने बताया कि टी18 का किराया अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह शताब्दी के बराबर होगा। फिलहाल ट्रेन प्रयागराज और कानपुर में ठहरेगी। इस ट्रेन को मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन तक चलाने पर भी विमर्श हो रहा है। प्रधानमंत्री लोकार्पण के दौरान साथ आएंगे या दिल्ली में फ्लैग ऑफ करने के बाद काशी में स्वागत करेंगे, यह तय नहीं हुआ है।
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‘वंदे भारत’ की खूबियां
- हर दूसरा कोच मोटराइज्ड है जो स्पीड और ब्रेकिंग को उच्च श्रेणी का बनाता है।
- पूरी ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, जरूरत पड़ने पर यात्री लोको पायलट से बात कर सकते हैं।
- इमरजेंसी चेन की जगह बटन हैं, जिसे दबाते ही पायलट को सिग्नल मिलेगा और वह यात्री से संपर्क साधेगा। कारण से संतुष्ट होने पर ही ट्रेन रुकेगी।
- वाई-फाई की सुविधा। एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें 360 डिग्री घूम सकती हैं।
- प्रत्येक कोच में चार टीवी स्क्रीन हैं। रेलवे के मनोरंजन पैकेज का इन पर प्रसारण होगा। मोबाइल पर भी इसके कंटेंट को देखा जा सकेगा।
- देश में निर्मित इस ट्रेन का आयात होता तो लागत 200 करोड़ रुपये आती। इंटीग्ररल कोच फैक्ट्री में 97 करोड़ रुपये से 18 महीने में तैयार।
- इलाहाबाद से कानपुर के बीच आईआरसीटीसी परोसेगी भोजन। कुछ बोगियों में बेवरेज, स्नैक्स और भोजन के लिए स्थान।
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