वाराणसी। नगर निगम सदन में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने सीवर, सफाई और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा जोर शोर से उठाया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने एकजुट होकर जांच समिति बनाने की मांग की मगर पीठासीन अधिकारी मेयर मृदुला जायसवाल इसे टाल गईं। मेयर के इस निर्णय से पक्ष और विपक्ष दोनों पार्षदों में आक्रोश है।
पिछली बैठक में जोनल अधिकारी पर खारिज-दाखिल में पैसे लेने के आरोप लगे थे। तब यह तय हुआ था कि अगली बैठक में जांच समिति गठित की जाएगी। शुक्रवार को दिन 2:12 बजे सदन की बैठक वंदेमातरम के साथ शुरू हुई। शिवाला से भाजपा पार्षद राजेश यादव चल्लू ने भवन असेसमेंट तथा दाखिल खारिज के मामलों में भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष कमेटी बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। पक्ष के साथ ही विपक्ष के भी सभी पार्षदों ने इसका समर्थन किया। पांच सदस्यीय कमेटी के लिए नाम भी चुन लिए गए। लेकिन मेयर ने सदन को अनिश्चितकालीन स्थगित कर दिया। इस मुद्दे पर पार्षदों में एक स्वर से विरोध जताया।
पेयजल और सफाई व्यवस्था चौपट
पार्षदों ने सीवर व सफाई के साथ ही सफाईकर्मियों व संस्थाओं के कामकाज को भी कठघरे में खड़ा किया। कहा कि जलकल, जल निगम की व्यवस्था इतनी चौपट है। इस पर मेयर ने जलकल, जलनिगम और नगर निगम के अधिकारियों को काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट करने का आदेश दिया। काम कराए बगैर कुछ जगहों पर शिलापट्ट व बोर्ड लगाने की पार्षदों ने शिकायत की तो मेयर ने नगर आयुक्त से कहा कि ऐसे ठेकेदारों का भुगतान तत्काल रोक दिया जाए और भविष्य में नियमानुसार ही शिलापट्ट व बोर्ड लगाए जाएंगे। पार्षदों के कहने पर मेयर ने जहां-जहां सरस्वती पूजा के लिए पंडाल बनता है उन गलियों को चमकाते हुए बेहतर साफ-सफाई का निर्देश नगर आयुक्त को दिया।
खिड़किया घाट पर खड़ी रहती है स्कीमर, जांच के आदेश
पार्षद कुंवर कृष्णकांत सिंह ने कहा कि मिशन क्लीन गंगा के तहत सफाई करने वाली मशीन अधिकांश समय खिड़किया घाट पर खड़ी रहती है। यह मशीन रोज नहीं चलती है। मेयर ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही।
नाविकों को लाइसेंस का नवीनीकरण
नाविकों को लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। काफी लम्बे समय से यह प्रक्रिया बंद पड़ी थी। सदन में इसे शीघ्र चालू कराने के प्रस्ताव पर मुहर लगी।