वाराणसी। अपनी मांगों को लेकर वीडीए के कर्मचारियों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारी एमएलसी की गिरफ्तारी और अवैध निर्माण को तोड़ने की मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं वीडीए के उपाध्यक्ष, सचिव और जोनल अधिकारी अविनाश कुमार के अवकाश पर चले जाने से उनमें गुस्सा भी है। कर्मचारियों ने कहा कि जिनके लिए हम लोग लड़ रहे हैं, वही अधिकारी गायब हो गए हैं।
रविंद्रपुरी कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने गए वीडीए के जोनल अधिकारी से एमएलसी और उनके समर्थकों द्वारा की गई मारपीट के विरोध में कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर आंदोलित हैं। सोमवार को धरने में अमूमन सभी विभागों के पदाधिकारी व अधिकारी शामिल हुए और पुलिस तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि यदि जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो सभी विभागों का कार्य बंद करा दिया जाएगा। अध्यक्षता करते हुए दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि जक तक एमएलसी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है आंदोलन चलता रहेगा। संचालन रामाश्रय पाल ने किया।
इन संगठनाें ने किया समर्थन
धरने में विकास प्राधिकरण का डिप्लोमा इंजीनियर संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, विकास भवन शिक्षा विभाग, कोषागार व्यापार कर, सिंचाई, चकबंदी, संभागीय परिवहन, पशुपालन, प्राथमिक शिक्षक संघ, लेखा, ऑडिट ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, सफाई कर्मचारी, नगर निगम, जल संस्थान, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, बाल विकास एवं पुष्टाहार, सुपरवाइजर समाज कल्याण मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन आदि विभागों के कर्मचारी और संघों के सभी पदाधिकारी शामिल रहें।
84 लाख का हुआ नुकसान
संगठन के अध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी ने बताया कि पांच दिन की इस हड़ताल से विकास प्राधिकरण को लगभग 84 लाख का नुकसान हुआ है। सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष शशिकांत श्रीवास्तव, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, धन्नीराम, चंद्रभानु, दिनेश कुमार, सत्य प्रकाश पांडे, प्रमोद कुमार तिवारी, आरके सिंह, राजेंद्र प्रसाद, विनोद कुमार, सुरेंद्र तिवारी, एनएम अंसारी आदि उपस्थित रहें।