टैग-- 15 साल बाद भी टीपीनगर पर नहीं बनी बात
जमीन पर तकरार बरकरार अब फिर शासन से मनुहार
- वीडीए ने फिर लिखा शासन को पत्र, विचार का किया आग्रह
- मोहन सराय में 86 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित है ट्रांसपोर्ट नगर
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। पिछले 15 सालों से लंबित ट्रांसपोर्ट नगर के लिए एक बार फिर कवायद शुरू हुई है। वीडीए ने नई कार्ययोजना बनाने के लिए शासन को फिर से पत्र लिखा है। आग्रह किया है कि अब शासन अपने स्तर से ही मामले को निपटाए।
मुआवजे बढ़ाने की मांग को आंदोलित किसानों से वीडीए मोहनसराय में टीपीनगर के लिए खरीदी गई 45 हेक्टेयर जमीन पर ही अब तक कब्जा नहीं ले पाया। जबकि करीब आधी जमीन खरीदी ही नहीं जा सकी है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट नगर की योजना वीडीए के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। किसान इस योजना को निरस्त कराने के लिए शासन-प्र्रशासन से लेकर न्यायालय तक में गुहार लगा चुके हैं। उधर, वीडीए अभी भी इस जमीन को अपने काम में लेने की कोशिश में है। वीडीए ने कुछ माह पहले भी शासन को पत्र लिखा था, तब शासन ने वीडीए को अपने स्तर पर ही मामला निपटने को कहा। लेकिन बात नहीं बनी और टीपीनगर पर कोई काम नहीं हो पाया। अब वीडीए ने योजना की जरूरत बताते हुए शासन से ही इस पर अंतिम निर्णय लेने को कहा है।
ये है पूरा मामला
वीडीए ने वर्ष 2003 में मोहनसराय में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। इसमें बैरवन, सरायमोहन, करनाडाडी और मिल्किचक गांव के 1,194 किसानों की 86 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी थी। तब इसकी संभावित लागत करीब 9.5 करोड़ रुपये थी। वीडीए ने लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च कर मात्र 45 हेक्टेयर जमीन ही ले सका। हालांकि इस जमीन पर कब्जा किसानों का ही है। जबकि किसानों के आंदोलित होने के कारण बाकी जमीन खरीदी ही नहीं जा सकी।
इस मुद्दे पर कोर्ट गए किसान
किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किसी भी परियोजना के लिए अगर जमीन ली जाती है और तय समय में योजना शुरू नहीं होती है तो वह योजना स्वत: निरस्त हो जाएगी। साथ ही जिसका कब्जा होगा, जमीन भी उसी को दे दी जाएगी। इसी आधार पर किसान न्यायालय चले गए। उधर, इस खींचतान का नतीजा यह रहा कि 15 सालों में जमीन की कीमत बढ़ने से यह योजना लगभग 100 गुना महंगी होकर 100 करोड़ रुपये हो गई है।
ये परेशानी भुगत रही जनता
ट्रांसपोर्ट नगर के न बनने के चलते आम जनता परेशानी भुगत रही है। मोहन सराय से लेकर लहरतारा तक करीब सात किमी तक सड़कों के किनारे ट्रक खड़े रहते ह्रैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं शहर में भी इन ट्रकों के चलते जाम लग जाता है।
कोट्स--
ट्रांसपोर्ट नगर योजना को पूरा करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसमें शासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए आर्थिक सहयोग के बारे में भी लिखा गया है। -राजेश कुमार, वीसी वीडीए
एक नजर में
- 2003 में शुरू हुई थी योजना
- 9.5 करोड़ रुपए थी उस समय लागत
- 4 गांवों की खरीदी जाएगी जमीन
- 1194 किसानों की जाएगी जमीन
- 86 हेक्टयेर की बनी है योजना
- 45 हेक्टेयर खरीद चुका है वीडीए