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चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग पर अड़े छात्र

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वाराणसी। बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और छात्रों के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों का धरना जारी रहा तो नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को भी कक्षाओं का बहिष्कार किया। शाम को बिरला छात्रावास चौराहे से लंका रविदास गेट तक विरोध मार्च निकालकर छात्रों ने कुलपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान नारेबाजी भी की गई।
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विश्वविद्यालय में 29 नवंबर को नर्सिंग कॉलेज के सामने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की पिटाई के बाद से ही विरोध जारी है। नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर पर कार्रवाई होने तक कक्षाओं में न जाने का निर्णय लिया है, वहीं केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्र भी चीफ प्रॉक्टर को हटाए जाने तक धरना देने पर अडे़ हैं। मंगलवार को केंद्रीय कार्यालय पर छात्रों के धरने का वीडियो बना रही एक महिला डिप्टी चीफ प्रॉक्टर के साथ छात्रों की नोंकझोंक भी हुई। दूसरी ओर, चीफ प्रॉक्टर की पिटाई के बाद जिस छात्रा के कान का पर्दा फटा, उसके साथ ही नर्सिंग की अन्य छात्राओं पर हॉस्टल से बाहर न निकलने और मामले में कुछ भी न बोलने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है।

विवि प्रशासन ने गठित की जांच समिति
विश्वविद्यालय परिसर में चल रही घटनाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अलग-अलग तीन जांच समितियों का गठन किया है। साथ ही छात्रों से धरना प्रदर्शन खत्म करने की अपील भी की गई है। कुल सचिव ने बताया कि भगवान दास छात्रावास से संबंधित घटनाओं के साथ ही नर्सिंग छात्रा के कान के चोट लगने की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। केंद्रीय कार्यालय पर धरनारत छात्रों द्वारा की जा रही मांगों पर भी फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। बताया कि नियमानुसार धरना-प्रदर्शन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
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